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दुश्मन की अब खैर नहीं... जम्मू-कश्मीर में आतंकरोधी अभियानों को मजबूत करेंगे हाई टेक ड्रोन, आतंकियों पर रहेगी पैनी नजर_我的网站

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A |     राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस, जो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पाकिस्तान के छद्म युद्ध को विफल करने में जुटी है, अब अपने बेड़े में अत्याधुनिक ड्रोन और मानव रहित विमान (यूएवी-वी2) शामिल कर रही है। ये ड्रोन ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम और पेलोड आपरेशन सिस्टम से लैस होंगे, जिससे आतंकरोधी अभियानों और घुसपैठ रोधी तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही पुलिस में ड्रोन और यूएवी संचालन में प्रशिक्षित अधिकारियों और जवानों की संख्या बढ़ाने के लिए जिला स्तर पर चयनित पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पहले से मौजूद ड्रोन केवल सर्वेलांस के लिए थे और उनकी संख्या सीमित थी। बदलती सुरक्षा चुनौतियों के कारण जम्मू-कश्मीर पुलिस को कई बार सीआरपीएफ और सेना की मदद लेनी पड़ती थी, जिससे आपरेशनल दिक्कतें उत्पन्न होती थीं।,इस समस्या का समाधान करने के लिए पुलिस अपने ड्रोन बेड़े में व्यापक सुधार कर रही है।अधिकारी ने बताया कि अब नैनो और माइक्रो ड्रोन से लेकर अत्याधुनिक क्वार्डकाप्टर भी खरीदे जा रहे हैं। ये ड्रोन निगरानी, टोही और वास्तविक समय की खुफिया जानकारी साझा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, विशेषकर जम्मू-कश्मीर के दुर्गम इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए। ये न केवल दुश्मन पर नजर रखने में मदद करेंगे, बल्कि जंगलों और नालों में छिपे आतंकियों का पता लगाने और उन्हें वहीं मार गिराने में भी सहायक होंगे।。     स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। एशिया कप 2025 से पहले बीसीसीआई में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। रोजर बिन्नी ने BCCI अध्यक्ष का पद छोड़ दिया है। अगले चुनाव तक उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है। अध्‍यक्ष का चुनाव सितंबर में हो सकता है। 2015 में शुक्‍ला को बीसीसीआई द्वारा सर्वसम्मति से आईपीएल का अध्यक्ष फिर से नियुक्त किया गया था। 18 दिसंबर 2020 को उन्हें बीसीसीआई का निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना गया।,दैनिक जागरण ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि बुधवार को हुई बीसीसीआई की शीर्ष परिषद की बैठक में शुक्ला ने कार्यवाहक अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। रिपोर्ट में बताया गया है कि बैठक का मुख्य एजेंडा इस महीने की शुरुआत में ड्रीम11 के जाने के बाद टीम इंडिया के नए मुख्य प्रायोजक पर चर्चा करना था। हालांकि, 9 सितंबर से शुरू होने वाले एशिया कप के साथ आयोजन से पहले एक नया प्रायोजक ढूंढना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।,बता दें कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बने संविधान पर चलता है। जब तक नया कानून अधिसूचित नहीं होता, तब तक बीसीसीआई और राज्य संघों को पुराने संविधान से ही चलना होगा। खेल मंत्रालय ने भी बोर्ड और राज्य क्रिकेट संघों के चुनाव को लेकर स्थिति साफ की थी।,अधिकारी ने कहा था कि जब तक नया बिल अधिसूचित नहीं होता तब तक क्रिकेट से संबंधित संघ पुराने संविधान के आधार पर ही चलेंगे। लोढ़ा समिति की सिफारिशों के तहत पदाधिकारियों की अधिकतम आयुसीमा 70 साल है। 19 जुलाई को 70 साल के होने के कारण रोजर बिन्नी को अपने पद से हटना पड़ा।,ये भी पढ़ें: समय पर ही होंगे BCCI के चुनाव, 2027 विश्व कप तक के लिए खोजा जाएगा टीम का नया स्पॉन्सर

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Published on:00:24:00